बुधवार, 6 मई 2009

क्या इतना जहरीला होता है यह विषखोपड़ा.......?



मानीटर लीजार्ड यानि कि विषखोपड़ा या हम लोंगों की तरफ स्थानीय भाषा में बीतनुआ, क्या इतना जहरीला होता है कि इसके काटनें पर आदमी तुंरत मर जाये ?या ऊपर के चित्र में यह कोई इससे इतर कोई अन्य जहरीला जीव है , यह सवाल मैं अपने ज्ञानी ब्लॉग जगत के मित्रों से पूछ रहा हूँ , जो इस विषय की जानकारी रखतें हों .क्योंकि यह सवाल काफी उलझा हुआ है .विद्वानों का मानना है कि यह जहरीला नहीं है ,फिर मौतें क्यों हो रहीं है .पिछले साल वन्य जीव विशेषग्य एवं इंडियन साइंस रायटर्स एशोसियेशन के यू.पी .चैप्टर के प्रेसीडेंट डॉ अरविन्द मिश्र जी नें एक कार्यक्रम में बताया था कि यह शर्मीला जंतु मगरगोह का बच्चा है ,जो कि पूर्णतया विषहीन होता है .अब सवाल यह है कि यदि यह विषहीन है तो लोग क्यों मर रहें हैं -देखें आज का समाचार -



या तो लोग झूठ बोल रहें हैं या फिर भयवश मर रहें है या चाहे जो भी हो इससे पर्दा उठाना जरूरी है नहीं तो इस नन्हे जीव को लोग बेमौत मर डालेंगे .गाँव में इसको लेकर कई भ्रांतियां हैं,कईकिस्से कहानियाँ हैं ,तरह -तरह की चर्चाएँ है .लोग-बाग़ इसको देखते ही भयवश इसको मार डाल रहें है जल्द ही यदि इसके बारे में लोंगों के भय का निवारण न किया गया तो मुझे भय है कि लोग कहीं इस प्रजाति को विलुप्त ही
कर दें .इस बारे में आपके उत्तर की हमें प्रतीक्षा है .

69 टिप्‍पणियां:

  1. यह तो गोह है - जिसकी पकड़ बहुत मजबूत होती है। किलों का भेदन करने के लिये इसकी पकड़ का उपयोग कर आक्रांता किले पर चढ़ते थे।
    विष की बात तो विशेषज्ञ जानें!

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  2. अभी तक मेरे पास कोई वैज्ञानिक राय नहीं है किन्तु लोग इसे देखते ही इसके विष की चर्चा प्रारम्भ कर देते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम पता चले तो कुछ वार्ता आगे चले।

    ---
    चाँद, बादल और शाम

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  3. जहाँ पर इस प्रकार के जीव पाए जाते है वहां जहरीले अन्य सांप आदि भी हो सकते है कि उनके काटने से म्रत्यु तक हो जाती है यह हो सकता है कि उस गाँव में कोई गंभ्भीर बीमारी फ़ैल रही हो . समाचार की जो कतरन लगाईं है उसमे साफ़ लिखा है कि किसी अज्ञात जंतु द्वारा काटे से (गोह या ग्वाह के काटे जाने से नहीं) बालिका की मृत्यु हो गई है . गोह विषहीन होती है ऐसी मान्यता है और वैज्ञानिक भी मानते है . जबलपुर में मदन महल नयागांव रामपुर की पहाडियों में गोह ग्वाह और विषैले सांप काफी तादाद में पाए जाते है . सांपो से काटे जाने की घटनाए पढ़ने सुनने मिल जाती है पर गोह ग्वाह से काटे जाने की घटनाए सुनने पढ़ने को आज तक नहीं मिली है. मुझे तो भारी अचरज हो रहा है इस समाचार को पढ़कर . खैर आपकी पोस्ट अच्छी सराहनीय और रोचक है . आभार .

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  4. उपर ज्ञा्नदत्तजी की बात सही है और ये ही पढने मे आया है कि किलो (forts) पर चढने के लिये इनकी पकड का उपयोग सेनाओं द्वारा किया जाता था.

    और स्वाभाविक सी बात है कि जिस तरह से सैनिक इनको साथ रखते थे, ये जहरीली तो बिल्कुल भी नही होती होंगी. अब वर्तमान हालात का पता तो जांच किये जाने लायक मामला है. जांच से ही कारण स्पष्ट होंगे.

    रामराम.

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    1. बिषखोपडा का काटा मात्र आधे घंटे मौत के घाट उतार देता है
      यह कोबरा से कईगुना बिषैला होता है। पर गोह या मगरगोह अलग जन्तु है यह सीधा होता है

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  5. कहा तो यही जाता है कि भारत में प्राप्त होने वाला किसी भी प्रकार का लिजार्ड जहरीला नहीं होता. केरल में कुछ लोग इनको उनकी बिलों में से खींच निकालते हैं और बड़े चाव से खाते हैं.वहां इन्हें उडुमबू कहते हैं.

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  6. सभी गोहें विषहीन होती हैं ! इन मानीटर लिजर्ड्स वैरानस गण (प्राणी शास्त्रीय नामकरण ) की यही कोई ४ -५ प्रजातियाँ हैं !
    पूर्वांचल में इनके वयस्क को गोह और बच्चे को भूलवश अलग अलग प्रजाति का मान लेता हैं -बच्चे को बितनुआ कहते हैं !
    इसके काटने से तो नहीं दहशत से मौत हो सकती है ! क्योंकि इनमें जहर तो होता ही नहीं है !

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    1. They not have poison but they bite very old death animal and a huge bactiria always available on his teeth and this bactiria hit a live animal or human's mind direct and this bactiria reaction make human very lazy o end last his body not worked. A different smell available in his eaten animal or any other. Due this smell they track his food easily and eat them. So I thing they are more dangerous
      Be care full from them. Related available on discovery. Plz check

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    2. आपने देखो है तो उसका फ़ोटो भेजे या केसी दिखती है बताये

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  7. मुझे तो अरविंद जी की बात पर यकीन है।

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  8. इनके विषहीन होने का प्रमाण तो इनका सैनिकों के साथ किला फतह करने और बाद में चोरों द्वारा मकानों में घुसने के इस्तेमाल से मिल जाता है. अरविन्द जी की बात तो खैर वैज्ञानिक की बात है, उसमें हम क्या कहें.

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  9. बहुत बहुत शुक्रिया आपकी टिपण्णी के लिए!
    आपने काफी अच्छा लिखा है विशखोप्रा के बारे में जो बिल्कुल सच है! मुझे बहुत डर लगता है विशखोप्रा, चिपकिल्ली, मगरमच्छ, साँप इत्यादि चीजों से!

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  10. जहाँ तक विषखोपडा अथवा गोह की बात है यह एक ही जानवर है और पूरी तरह से विषहीन होता है। लेकिन इसके बारे में तरह तरह के अंधविश्‍वास प्रचलित हैं, जिसकी वजह से लडकी की मौत का कारण इसे बताया जा रहा है।
    -----------
    SBAI TSALIIM

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  11. देखने से ही डर लगता है मुझे तो :) अरविन्द जी सही कह रहे होंगे ..

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  12. यह शतप्रतिशत विच्खापर या गोह है .......
    ज्ञान जी की बात सही है आज भेई कई घुमंतू जातियां जो चोरी आदि में लिप्त होती हैं वह इस जानवर को पालती हैं और इसी के सहारे घरो में चढ़ते हैं !!
    विष्हीनता की बात पर मै अज्ञानी??

    प्राइमरी का मास्टरफतेहपुर

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  13. हमें तो आईडिया नहीं है पर अरविन्दजी की बात तो सच होनी ही है.

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  14. vaakai sir agar aapko pata chale to jaroor bataiye ki iski asliyat kya hai

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  15. इस विषय में ज्यादा ज्ञान नहीं,

    जो भी जानकारी मिल रही है वो इस पोस्ट की टिप्पणियों से ही.

    जानकारी प्रदान करने वाले सभी क्षुधी ब्लागर बंधुओं का आभार.

    चन्द्र मोहन गुप्त

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  16. chitr dekh kar hi bhay lagta hai..


    waise Arvind ji ki baat se sahmat hun.

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  17. मुझे तो हमेशा से इस जानवर ने डराया है । मैभी इसे ज़हरीला ही समझता था । बड़े बूढे कहते है की ये अगर किसे को काट ले तो वो बचता नही , लकिन आप की बातों में दम लगता है । जैसा की अखबार की कटिंग से साफ़ है की उस बालिका को किसे ज़हरीले जानवर ने काटा था नाकि गोह ने । कुछ लोग तो छिपकली को भी ज़हरीला कहते है ,अगर वो काट ले तो आदमी मर सकता है किंतु छिपकली के अन्दर नही बल्कि उसकी उपरी त्वचा ज़हरीली होती जिसकी वजह से आए दिन लोग ज़हरीला भोजन खा कर काल के गाल में समां जाते है । आप की दी हुई जानकारी काफी अच्छी है । जानकारी देने का शुक्रिया .............

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  18. हमारे समाज में ऐसी फैली हुयी भ्रातियों को दूर करने का आपके सार्थक प्रयास सुन्दर है ............. शायद ऐसी जानकारियों से हम कुछ जीवों की प्रजातियों को बच्चा सकें

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  19. आप ने जो यह फ़ोटो पेश की है यह वास्तव में गोह की ही है. विषखोपड़ा दूसरे तरह का होता है. उसकी पूंछ बहुत लम्बी नही होती है. वैसे उसके विष की बड़ी चर्चाएं मैंने भी सुनी हैं. ईश्वर करे, आप की बात सच निकले.

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  20. abhi tak to mai bhi yahi janta tha ki ye zahreela jaanvar hota hai.
    jaankari pakar mai bhi kuch gunaah karne se bach gaya.
    mai vaada karta hoon ki ye jaankari bekaar nahi jayegi.

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  21. log chadhte kaise rahe honge ise pakad kar gharo pe-- iski pakad kitni majboot rahti hogii--itna bada bhi to nahi dikhta hai ye ???????????

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  22. मेरे ज्ञान मेँ विषखोपड़ा एक प्रकार की छिपकली है।कुछ छिपकलियाँ जहरीली होती हैँ तथा कुछ विषहीन ।विषखोपड़ा एक जहरीली छिपकली है।

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  23. yehe ake lizard prejati he jo ke insano se ter te he or un ko dek kre bage jati he is me nuro toksin namek ak jeher ho ta he jese insan ke katne per blord neklta te or blord rue ta nehi he jis ke karen insan ke mouat ho jati he........

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  24. मैंने एक शोध में पाया है कि गोह के काटने पर किसी कि मृत्यु नहीं होती है, लेकिन गोह की एक विशेषता है कि गोह दुनिया का सड़ा से सड़ा मांस भी खा लेता है, सड़क पर कई जानवर जिन्हें मरे कई दिन बीत जाते हैं जिनका मांस कोई नहीं खता है उसे भी ये खा लेता है इस वजह से इसके दांतों में बहुत ही जहरीले Bacterias हो जाते हैं, और ये जहरीले Bacterias मांस खाने के बाद इसके दांतों में रहते हैं, उसके कुछ देर बाद ही अगर ये किसी को काट ले तो लोगो के मरने में कोई संदेह नहीं हो सकता.... पर लोग इसके जहर कि वजह से नहीं बल्कि उन जहरीले Bacterias की वजह से मरते हैं, गोह में जहर नहीं होता है.

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    1. Bacteria se itani jaldi death nahi hoti bacteria ko body me growth karne me time lagata ha or fir local bite area me bacteria ka exposure itana severe nahi hota. Ab kuchh riserch bhi yahi manati ha ki isaki saliva me kuchh toxin hota ha kintu usase bhi death nahi hoti. Logon me galat bhrantiyo ke Karan, shock, cardiac arrest, aadi ke Karan death hoti ha.

      हटाएं
    2. Yadi bacteria exposure ho to bhi aajkal itane broad spectrum v power full antibiotics ha jo coverage Kar lete ha. systemic infection severe hote ha unse septicemia ke Karan death hoti ha.

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    3. Yadi bacteria exposure ho to bhi aajkal itane broad spectrum v power full antibiotics ha jo coverage Kar lete ha. systemic infection severe hote ha unse septicemia ke Karan death hoti ha.

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    4. Bacteria se itani jaldi death nahi hoti bacteria ko body me growth karne me time lagata ha or fir local bite area me bacteria ka exposure itana severe nahi hota. Ab kuchh riserch bhi yahi manati ha ki isaki saliva me kuchh toxin hota ha kintu usase bhi death nahi hoti. Logon me galat bhrantiyo ke Karan, shock, cardiac arrest, aadi ke Karan death hoti ha.

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  25. गोह या वैनरस/छिपकली प्रजाती की छोटी जीवों में प्वाइजन ग्लैंड नहीं पाया जाता है जिससे इनके जहरीले होने का कोई प्रमाण नहीं मिलता,,,,,

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  26. nahi vishkhopada zehreela nahi hota. Uske saliva mein bacteria aur virus hote hain jo ki ilaaz na karane par ghaav ko sookhne nahi dete. jiske karan ghaav sadne lagta hai. Logon mein andhvishwas hai ki vishkhopada zehreela hota hai. joki sahi nahi hai.....

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  27. इसके दाँतों के आस पास सायनिड जैसा अत्यंत्र तीव्र जहर बन जाता है 24 घंटे में जब इस को भूख अधिक लगती यदि उस अवस्था में जब उसे भूख लगती ये काट ले तो उसकी तुरंत मृत्यु हो जाती है

    इस बात पर और भी शोध आवश्यक है
    योगी परमानन्द

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  28. इसके दाँतों के आस पास सायनिड जैसा अत्यंत्र तीव्र जहर बन जाता है 24 घंटे में जब इस को भूख अधिक लगती यदि उस अवस्था में जब उसे भूख लगती ये काट ले तो उसकी तुरंत मृत्यु हो जाती है

    इस बात पर और भी शोध आवश्यक है
    योगी परमानन्द

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  29. Mai English me kuch article padha unme cynaide ki bat to kahi nahi thi

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  30. विष्णु इंटर कॉलेजमें स्टाफ रुम निकलीं मॉनीटर लिजार्ड
    फोटो सहित दीप तिवारी
    - विष्णु इंटर कॉलेज में विषखोपड़ा देख भागे छात्र-शिक्षक
    - शिक्षकों का कहना घनी झाड़ियां, सांप विषखोपड़ों का अड्डा
    प्रमुख संवाददाता
    बरेली। विष्णु इंटर कॉलेज के स्टाफ रुम में दो-दो मॉनीटर लिजार्ड घुसने से भगदड़ मच गई। शिक्षकों ने गेट बंद कर दिया और आसपास मौजूद छात्रों को वहां से हटा दिया। काफी कोशिश के बाद जाकर दोनों मॉनीटर लिजार्ड को बाहर भगाया जा सका।
    विष्णु इंटर कॉलेज के पीछे के हिस्से में जंगल और घनी झाड़ियां हैं। शिक्षकों का कहना है कि आए दिन सांप और मॉनीटर लिजार्ड दिख जाते हैं। इनसे बचाव के लिए जालियां लगाई गई पर यह दोनों लिजार्ड कहां से घुस आई कुछ पता नहीं है। स्टाफ रुम में मौजूद कर्मचारी ने आलमारी के पीछे दोनो मॉनीटर छिपकलियों को देखा तो शोर मचा दिया। इसके बाद सभी स्टाफ रुप से निकल गए। काफी मशक्कत के बाद इनको बाहर किया गया।

    जहर नहीं लार में मौजूद बैक्टिरिया होता है खतरनाक
    बरेली कॉलेज जंतु विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मॉनीटर लिर्ग्ड में जहर की थैली नहीं होती है। दुनिया में एक की जहरीली छिपकली है हैलौडर्मा यह भारत में नहीं पाई जाती है। मानीटर लिजार्ड की लार और मसूड़ों में टेटनस फैमिली का बैक्टीरिया पाया जाता है। यह बैक्टिरया काटने पर रक्त में प्रवेश कर जाते हैं और न्यूरो-मस्क्यूलर जंक्शन को ब्लाक कर देते हैं जिससे शिकार को लकवा मार जाता है। श्वसन तंत्र और रुधिर परिवहन तंत्र के फेल होने से शिकार का दम घुट जाता है।

    कम मिलने लगी थी अब बढ़ रही है संख्या
    बरेली। इनके प्राकृतिक आवास की कमी होने के कारण यह आबादी की ओर भाग रही है या इनकी जनसंख्या बढ़ गई है। एक समय इनकी संख्या काफी कम हो गई थी और यह संकटग्रस्त प्रजाति में सूचीबद्ध कर दिया गया था।

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  31. अपनी टिप्पणी लिखें...meri samajh se ye logo ka vaham hai ki vishkhopra jahreela hota h ....scientific roop se maane to ishme koi jahar nahi hota ....log adhiktar iske kaatne ke baad kaaafi dar jaate hai jiske vajha se unki heart attack se maut ho jaati h na ki uske jahar se...kai baar aisa bhi hota h ki kisi ko koi jaharila saap kaat leta h magar vo uske jagha pr vishkhopra ko dekh lete h aur unhe lagta h ki unhe usi ne kaat lia h aur unki maut ho gai.....
    Meri samajh se yah bahut hi saantprye jeev h...yah darkr logo se door hi bhaggta h na ki unhe kaat ta h.

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  32. Khair mai nhi nhi manta ...ki ye lizard(Vishkpharia) jahrili Hoti hai ..
    Mere ghar ki drainage pipe mai Kuch Dino se Vishkpharia Rh rhi.. hai... Mai kaise bhagoo use..Kyoki mummy ,papa use jhreeli manta hai....

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  33. Ise vahan se hatana sahi ha kyo ki logo me dar to hota hi ha. Iski jagah chhudava de or jangal me chhudava deve, aajkal isko pakadne vaale bhi mil jaate ha. Isase darne ki jarurat nahi.

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  34. Ise vahan se hatana sahi ha kyo ki logo me dar to hota hi ha. Iski jagah chhudava de or jangal me chhudava deve, aajkal isko pakadne vaale bhi mil jaate ha. Isase darne ki jarurat nahi.

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  35. ye bat juth he aap meri youtube channal dekha sakte he "DarSnake" Thx's

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  36. Main 100% manta hoon ye bahut jahrila hota hai mere mama ji k bhaish ko kata tha ilaj k bavjood 1 ghante k andar mar gayi main wahi tha apni ankho se maina dheka katne k baad ye sust ho jata hai aur lagbhag 20 se 25 minutes wahi para rahta hai.phir usko maar bhi diya gaya.

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  37. Nahi ye sach h mere gaon(village) me bhi yah paya jata h aur iske katne se bahoto ki maut hui h mera gaon allahabad me h

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  38. Nahi ye sach h mere gaon(village) me bhi yah paya jata h aur iske katne se bahoto ki maut hui h mera gaon allahabad me h

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  39. Bhai daily marta hu is janwar ko bahut h mere ghar k paas

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  40. Bhai daily marta hu is janwar ko bahut h mere ghar k paas

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  41. Hamre anusar Jo mada goh hoti hai won bisheen hi hoti hai Lekin Jo nar goh hoti hai ushme bahut jyada jahar paya jata hai hamare yaha Bundelkhand'
    KI yadi bat Kate to mada goh jo lagbhag 2 se 3 feet tak lambi hoti hai or kai log iska sikar karke khate bhi hai

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  42. Hamre anusar Jo mada goh hoti hai won bisheen hi hoti hai Lekin Jo nar goh hoti hai ushme bahut jyada jahar paya jata hai hamare yaha Bundelkhand'
    KI yadi bat Kate to mada goh jo lagbhag 2 se 3 feet tak lambi hoti hai or kai log iska sikar karke khate bhi hai

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  43. Hamare gher ke pass hi do hain
    Darr ki vajah se makan ka kaam ruk gaya hai
    Kya samjha jaye jehreela hai ya nhi
    Lagta hai male ji ki shota hota hai wo jehreela hota hai
    Aur female jo badi hoti hai wo jehreela nhi hota

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  44. bishkopda cobra se jyada jahreela hota hai. goh or bishkopda alag alag hai.

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  45. बिसखोपडा और गोह दोनों एक जैसी दिखाने वाली अलग अलग जीव है। गोह जिसको मेरे यहाँ गोहटा भी कहते है ये बिल्कुल ही बिषहीन तथा बुहत ही सीधा व सुस्त जानवर है इसके पँजे की पकड़ बहुत ही मजबूत है । जिसका उपयोग पुराने जमाने मे राजा महाराजा तथा चोर भी करते थे।इसकी खाल भी बहुत मजबूत होती है। और इसका तेल निकाल कर दवा भी बनाई जाती है। ये कभी किसी को नही काटता और न ही इसके काटने से कभी किसी की मृत्यु हुई है। अब बात विषखोपड़ा की तो ये बहुत ही जहरीला जानवर है इसका काटा व्यक्ति या जानवर एक घण्टे के अन्दर दमतोड़ देता है।ये लोंगों को देखते ही दौड़ कर भी काट लेता है। तथा काटने के तुरन्त बाद है अपना पेशाब भी पीता है। गोह व विषखोपड़ा दोनों देखने मे लगभग एक जैसे होते है। इसीलिए लोंगों में गलतफहमी बनी हुई। सत्य ये है कि गोह व विषखोपड़ा में जमीन और आसमान का फर्क है। गोह जितना ही सीधा साधा व शान्त चित व विषहीन जानवर है। विषखोपड़ा उतना ही तेजतर्रार व बिषधर जानवर है। (मेरी जानकारी के अनुसार )
    जितेंद्र कुमार तिवारी, ऊँचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश।

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  46. असल में कौन कितना जहरीला है ये तो उसी को पता लगता है जिसे ये जानबर काट लेते हैं

    मेरे मत अनुसार हमें इन दोनों जानबरों से दूरी और सुरक्षा बनाये रखनी चाहिए


    और मेरी लाइफ में मैने आज तक किसी ऐसे इंसान को नही देखा जिसे विषखोपड़ा या गोह ने काटा हो और वो जिंदा बच गया हो


    कमल कुशवाह
    Whatsapp
    9009616261


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  47. According Zoology books monitor lizard is non poisonous reptile

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  48. ye sach me khatarnaak hota hai purwi utter Pradesh me ye zeew bahoot badi sankhya me hai

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  49. Meri bhi kafi logo se is topic pe baat huyi hai bahut se log kahte hai ye poisonous hai but kafi jagah search karne ke baat Maine yahi paya ki yah monitor lizard jo dikhane me thodi dangerous lagati hai isiliye logo me dharna bana lo hai ye poisonous hai baki baat bacteria ki to dosto wo bacteria Komodo dragon me hota hai wo lizard class ki sabse Badi parjati hai jo ki India me nahi hoti aur uske bacteria ko kaam karne me Kai din lag jate hai tab infection se wo janwar mar jata hai Jise Komodo ne kaata ho aur agar aisa koi jaanwar hota jo itna poisonous hai to uska Jikar Indian encyclopaedia pe jaroor hota but India aisi koi poisonous lizard nahi ....ye sirf ek myth hai dar asal Indian bahut Bhole hote kisi ek kaha aur bas maan lete hai Jaisi ki kahin paani pe Pathar float karte hai mai bhi Maanta hoo kar sakte but wo ek particular ingenious rock hoti na ki koi bhi ordinari rock . I hope ki Main aapko ek conclusion se paya hunga baki search it on google and in encyclopaedia of Indian reptile .

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    1. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

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  50. आज एक गोह हमारे घर में आ गया था तो हमने इसे जहरीला समझकर मार दिया और अब आपकी बातों को पढ़कर मुझे बहुत अफसोस हो रहा है मैंने उसे मारकर कितना बड़ा पाप कर दिया।

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  51. गोहरा एक जहरीला जानवर है इसके काटन पर आदमी पानी नही मागता

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  52. Halodarma lizard ke alawa world me doosri koi lizard nhi hai jiske kaatne se koi death Ho...... OK aur holodarma India me nhi paayi jati.... Jaha tak bat hai bishkopda ki yani zoology me varenus ki to ye ek poison less animal hai..... Aur ek bat village city me kewal 3 types ke snake hi paye jaate hain jinke kaatne se koi person mr sakta hai.... For more details contact me Devendra Rajput.. HOD Zoology Department...

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आपकी टिप्पणियाँ मेरे ब्लॉग जीवन लिए प्राण वायु से कमतर नहीं ,आपका अग्रिम आभार एवं स्वागत !