बुधवार, 6 मई 2009

क्या इतना जहरीला होता है यह विषखोपड़ा.......?



मानीटर लीजार्ड यानि कि विषखोपड़ा या हम लोंगों की तरफ स्थानीय भाषा में बीतनुआ, क्या इतना जहरीला होता है कि इसके काटनें पर आदमी तुंरत मर जाये ?या ऊपर के चित्र में यह कोई इससे इतर कोई अन्य जहरीला जीव है , यह सवाल मैं अपने ज्ञानी ब्लॉग जगत के मित्रों से पूछ रहा हूँ , जो इस विषय की जानकारी रखतें हों .क्योंकि यह सवाल काफी उलझा हुआ है .विद्वानों का मानना है कि यह जहरीला नहीं है ,फिर मौतें क्यों हो रहीं है .पिछले साल वन्य जीव विशेषग्य एवं इंडियन साइंस रायटर्स एशोसियेशन के यू.पी .चैप्टर के प्रेसीडेंट डॉ अरविन्द मिश्र जी नें एक कार्यक्रम में बताया था कि यह शर्मीला जंतु मगरगोह का बच्चा है ,जो कि पूर्णतया विषहीन होता है .अब सवाल यह है कि यदि यह विषहीन है तो लोग क्यों मर रहें हैं -देखें आज का समाचार -



या तो लोग झूठ बोल रहें हैं या फिर भयवश मर रहें है या चाहे जो भी हो इससे पर्दा उठाना जरूरी है नहीं तो इस नन्हे जीव को लोग बेमौत मर डालेंगे .गाँव में इसको लेकर कई भ्रांतियां हैं,कईकिस्से कहानियाँ हैं ,तरह -तरह की चर्चाएँ है .लोग-बाग़ इसको देखते ही भयवश इसको मार डाल रहें है जल्द ही यदि इसके बारे में लोंगों के भय का निवारण न किया गया तो मुझे भय है कि लोग कहीं इस प्रजाति को विलुप्त ही
कर दें .इस बारे में आपके उत्तर की हमें प्रतीक्षा है .

117 टिप्‍पणियां:

  1. यह तो गोह है - जिसकी पकड़ बहुत मजबूत होती है। किलों का भेदन करने के लिये इसकी पकड़ का उपयोग कर आक्रांता किले पर चढ़ते थे।
    विष की बात तो विशेषज्ञ जानें!

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    1. श्रीमान, यह राजस्थान में बहुतायत में पाई जाती है और यह अत्यंत जहरीली होती है और राजस्थान कई मौते भी हो चुकी है इसके काटने से ओर ऐसी मान्यता है कि इसके काटने पर जिस अंग पर काटा है उस अंग को ही काट देने से बचा जा सकता है। में राजस्थान से हु ओर इस बारे में बहुत सारे मामले देखे है।

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    2. भारत में गोहों की छ: जातियाँ पाई जाती हैं, जिनमें कवरा गोह (V. Salvator) सबसे प्रसिद्ध है। इसके बच्चे चटकीले रंग के होते हैं, जिनकी पीठ पर बिंदियाँ पड़ी रहती हैं और जिन्हें हमारे देश में लोग 'बिसखोपरा' नाम का दूसरा जीव समझते हैं। लागों का ऐसा विश्वास है कि बिसखोपरा बहुत जहरीला होता है, लेकिन वास्तव में ऐसा है नहीं। बिसखोपरा कोई अलग जीव न होकर गोह के बच्चे हैं, जो जहरीले नही होते।

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  2. अभी तक मेरे पास कोई वैज्ञानिक राय नहीं है किन्तु लोग इसे देखते ही इसके विष की चर्चा प्रारम्भ कर देते हैं। इसका वैज्ञानिक नाम पता चले तो कुछ वार्ता आगे चले।

    ---
    चाँद, बादल और शाम

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  3. जहाँ पर इस प्रकार के जीव पाए जाते है वहां जहरीले अन्य सांप आदि भी हो सकते है कि उनके काटने से म्रत्यु तक हो जाती है यह हो सकता है कि उस गाँव में कोई गंभ्भीर बीमारी फ़ैल रही हो . समाचार की जो कतरन लगाईं है उसमे साफ़ लिखा है कि किसी अज्ञात जंतु द्वारा काटे से (गोह या ग्वाह के काटे जाने से नहीं) बालिका की मृत्यु हो गई है . गोह विषहीन होती है ऐसी मान्यता है और वैज्ञानिक भी मानते है . जबलपुर में मदन महल नयागांव रामपुर की पहाडियों में गोह ग्वाह और विषैले सांप काफी तादाद में पाए जाते है . सांपो से काटे जाने की घटनाए पढ़ने सुनने मिल जाती है पर गोह ग्वाह से काटे जाने की घटनाए सुनने पढ़ने को आज तक नहीं मिली है. मुझे तो भारी अचरज हो रहा है इस समाचार को पढ़कर . खैर आपकी पोस्ट अच्छी सराहनीय और रोचक है . आभार .

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  4. उपर ज्ञा्नदत्तजी की बात सही है और ये ही पढने मे आया है कि किलो (forts) पर चढने के लिये इनकी पकड का उपयोग सेनाओं द्वारा किया जाता था.

    और स्वाभाविक सी बात है कि जिस तरह से सैनिक इनको साथ रखते थे, ये जहरीली तो बिल्कुल भी नही होती होंगी. अब वर्तमान हालात का पता तो जांच किये जाने लायक मामला है. जांच से ही कारण स्पष्ट होंगे.

    रामराम.

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    1. बिषखोपडा का काटा मात्र आधे घंटे मौत के घाट उतार देता है
      यह कोबरा से कईगुना बिषैला होता है। पर गोह या मगरगोह अलग जन्तु है यह सीधा होता है

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    2. हमारे शहडोल जिले में इसे गुहिटी के नाम से जाना जाता है और कहा जाता है कि इसके काटने से लोग नहीं बचते है यह मनुष्य को काटकर अपने पेशाब में लोट लेता है

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    3. हमारे शहडोल जिले में इसे गुहिटी के नाम से जाना जाता है और कहा जाता है कि इसके काटने से लोग नहीं बचते है यह मनुष्य को काटकर अपने पेशाब में लोट लेता है

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    4. Bhai iske katne se Banda 1/2 hour k andar mar jata h..... Or ye peshab bhi Marta katne k baad ye sahi h....Hamare BHARATPUR Distt main isko.... Gohera bolte hai...
      Kat liya to banda gaya bas

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    5. यह वास्तव में जहरीला जन्तु है जिसके काटने से मौत लगभग निश्चित मानी जाती है । ऐसी मान्यता है हमारे क्षेत्र में।
      लेकिन गोयरा जो हे गोह से अलग होता है। यह छोटा और फुर्तीला होता। हमारे गांव में काटा था एक आदमी को, तुरंत मर गया था। आरा मशीन पर लकडियों मैं से गोयरा छिप कर बैठा था, उछल कर खा गया बंदे को। ये गोयरा 1 से 1+1/2 फीट तक होता हे बस। हलका और फुर्तीला होता है। काटने के बाद पैशाब भी करता है।

      भरतपुर राजस्थान।

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  5. कहा तो यही जाता है कि भारत में प्राप्त होने वाला किसी भी प्रकार का लिजार्ड जहरीला नहीं होता. केरल में कुछ लोग इनको उनकी बिलों में से खींच निकालते हैं और बड़े चाव से खाते हैं.वहां इन्हें उडुमबू कहते हैं.

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  6. सभी गोहें विषहीन होती हैं ! इन मानीटर लिजर्ड्स वैरानस गण (प्राणी शास्त्रीय नामकरण ) की यही कोई ४ -५ प्रजातियाँ हैं !
    पूर्वांचल में इनके वयस्क को गोह और बच्चे को भूलवश अलग अलग प्रजाति का मान लेता हैं -बच्चे को बितनुआ कहते हैं !
    इसके काटने से तो नहीं दहशत से मौत हो सकती है ! क्योंकि इनमें जहर तो होता ही नहीं है !

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    1. They not have poison but they bite very old death animal and a huge bactiria always available on his teeth and this bactiria hit a live animal or human's mind direct and this bactiria reaction make human very lazy o end last his body not worked. A different smell available in his eaten animal or any other. Due this smell they track his food easily and eat them. So I thing they are more dangerous
      Be care full from them. Related available on discovery. Plz check

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    2. आपने देखो है तो उसका फ़ोटो भेजे या केसी दिखती है बताये

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    3. Ye jo main link post kar rha hun ye Indian monitor lizard jise sthaniya bhasha me goh kehte hain uske bache ki hai... Iska scientific name Varanus Bengalensis hai...

      https://upload.wikimedia.org/wikipedia/commons/thumb/7/79/The_Monitor_Lizard_%28Juvenile%29_Varanus_bengalensis.JPG/800px-The_Monitor_Lizard_%28Juvenile%29_Varanus_bengalensis.JPG

      Image dekhne ke lie upar diye gye link ko poora copy karke apne browser ke address bar me paste karke enter dabayen..

      Aap saaf dekhenge ki Indian monitor ka baccha upar di gayi vishkhopde ki pic se bilkul alag dikhta hai... Ye dono nissandeh alag praani hain, aur inse savdhan rehne ki zarurat hai.. Grameen ilako me inka bohot khauf hota hai.. itna ki ise dekhte hi saanp se jaldi maar diya jata hai.. ye bhay bina karan ke to itna prachand nahi ho sakta aisa mera maan na hai.. Lekin main koi vaigyanik nahi, islie main ispar aur kuch tippani nahi karunga..

      -Somesh Thakur, Jaunpur, Uttar Pradesh se

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  7. मुझे तो अरविंद जी की बात पर यकीन है।

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  8. इनके विषहीन होने का प्रमाण तो इनका सैनिकों के साथ किला फतह करने और बाद में चोरों द्वारा मकानों में घुसने के इस्तेमाल से मिल जाता है. अरविन्द जी की बात तो खैर वैज्ञानिक की बात है, उसमें हम क्या कहें.

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  9. बहुत बहुत शुक्रिया आपकी टिपण्णी के लिए!
    आपने काफी अच्छा लिखा है विशखोप्रा के बारे में जो बिल्कुल सच है! मुझे बहुत डर लगता है विशखोप्रा, चिपकिल्ली, मगरमच्छ, साँप इत्यादि चीजों से!

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    1. Khair Darr to sabhi Ko lagta hai.vidhaila to hota hi hai.

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    2. Bichhkhopra goh ki prajati se alag
      Hota hai kyonki goh me jahar nahi hota
      Jabki bichhi hota me jahar hota hai
      Kyonki log iske katne se mar jate hai
      Iske bisheen hone ka praman lakshya
      Hona chahiye

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  10. जहाँ तक विषखोपडा अथवा गोह की बात है यह एक ही जानवर है और पूरी तरह से विषहीन होता है। लेकिन इसके बारे में तरह तरह के अंधविश्‍वास प्रचलित हैं, जिसकी वजह से लडकी की मौत का कारण इसे बताया जा रहा है।
    -----------
    SBAI TSALIIM

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  11. देखने से ही डर लगता है मुझे तो :) अरविन्द जी सही कह रहे होंगे ..

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  12. यह शतप्रतिशत विच्खापर या गोह है .......
    ज्ञान जी की बात सही है आज भेई कई घुमंतू जातियां जो चोरी आदि में लिप्त होती हैं वह इस जानवर को पालती हैं और इसी के सहारे घरो में चढ़ते हैं !!
    विष्हीनता की बात पर मै अज्ञानी??

    प्राइमरी का मास्टरफतेहपुर

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  13. हमें तो आईडिया नहीं है पर अरविन्दजी की बात तो सच होनी ही है.

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  14. vaakai sir agar aapko pata chale to jaroor bataiye ki iski asliyat kya hai

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  15. इस विषय में ज्यादा ज्ञान नहीं,

    जो भी जानकारी मिल रही है वो इस पोस्ट की टिप्पणियों से ही.

    जानकारी प्रदान करने वाले सभी क्षुधी ब्लागर बंधुओं का आभार.

    चन्द्र मोहन गुप्त

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  16. chitr dekh kar hi bhay lagta hai..


    waise Arvind ji ki baat se sahmat hun.

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  17. मुझे तो हमेशा से इस जानवर ने डराया है । मैभी इसे ज़हरीला ही समझता था । बड़े बूढे कहते है की ये अगर किसे को काट ले तो वो बचता नही , लकिन आप की बातों में दम लगता है । जैसा की अखबार की कटिंग से साफ़ है की उस बालिका को किसे ज़हरीले जानवर ने काटा था नाकि गोह ने । कुछ लोग तो छिपकली को भी ज़हरीला कहते है ,अगर वो काट ले तो आदमी मर सकता है किंतु छिपकली के अन्दर नही बल्कि उसकी उपरी त्वचा ज़हरीली होती जिसकी वजह से आए दिन लोग ज़हरीला भोजन खा कर काल के गाल में समां जाते है । आप की दी हुई जानकारी काफी अच्छी है । जानकारी देने का शुक्रिया .............

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    1. Bhai chipkali bhi jahreeli nahi hoti h
      Uske body pe bohat sare bacteria hote h
      Jo hamare sarir me jane par
      Hamko dast ya ulti ki sikayat aa sakti h
      Or kuch bhi nahi hoga

      Rahi bat katne ki to me apko bata du. Ki chipkali k daat nahi hote h

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  18. हमारे समाज में ऐसी फैली हुयी भ्रातियों को दूर करने का आपके सार्थक प्रयास सुन्दर है ............. शायद ऐसी जानकारियों से हम कुछ जीवों की प्रजातियों को बच्चा सकें

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  19. आप ने जो यह फ़ोटो पेश की है यह वास्तव में गोह की ही है. विषखोपड़ा दूसरे तरह का होता है. उसकी पूंछ बहुत लम्बी नही होती है. वैसे उसके विष की बड़ी चर्चाएं मैंने भी सुनी हैं. ईश्वर करे, आप की बात सच निकले.

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  20. abhi tak to mai bhi yahi janta tha ki ye zahreela jaanvar hota hai.
    jaankari pakar mai bhi kuch gunaah karne se bach gaya.
    mai vaada karta hoon ki ye jaankari bekaar nahi jayegi.

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  21. log chadhte kaise rahe honge ise pakad kar gharo pe-- iski pakad kitni majboot rahti hogii--itna bada bhi to nahi dikhta hai ye ???????????

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  22. मेरे ज्ञान मेँ विषखोपड़ा एक प्रकार की छिपकली है।कुछ छिपकलियाँ जहरीली होती हैँ तथा कुछ विषहीन ।विषखोपड़ा एक जहरीली छिपकली है।

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  23. yehe ake lizard prejati he jo ke insano se ter te he or un ko dek kre bage jati he is me nuro toksin namek ak jeher ho ta he jese insan ke katne per blord neklta te or blord rue ta nehi he jis ke karen insan ke mouat ho jati he........

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  24. मैंने एक शोध में पाया है कि गोह के काटने पर किसी कि मृत्यु नहीं होती है, लेकिन गोह की एक विशेषता है कि गोह दुनिया का सड़ा से सड़ा मांस भी खा लेता है, सड़क पर कई जानवर जिन्हें मरे कई दिन बीत जाते हैं जिनका मांस कोई नहीं खता है उसे भी ये खा लेता है इस वजह से इसके दांतों में बहुत ही जहरीले Bacterias हो जाते हैं, और ये जहरीले Bacterias मांस खाने के बाद इसके दांतों में रहते हैं, उसके कुछ देर बाद ही अगर ये किसी को काट ले तो लोगो के मरने में कोई संदेह नहीं हो सकता.... पर लोग इसके जहर कि वजह से नहीं बल्कि उन जहरीले Bacterias की वजह से मरते हैं, गोह में जहर नहीं होता है.

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    1. Bacteria se itani jaldi death nahi hoti bacteria ko body me growth karne me time lagata ha or fir local bite area me bacteria ka exposure itana severe nahi hota. Ab kuchh riserch bhi yahi manati ha ki isaki saliva me kuchh toxin hota ha kintu usase bhi death nahi hoti. Logon me galat bhrantiyo ke Karan, shock, cardiac arrest, aadi ke Karan death hoti ha.

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    2. Yadi bacteria exposure ho to bhi aajkal itane broad spectrum v power full antibiotics ha jo coverage Kar lete ha. systemic infection severe hote ha unse septicemia ke Karan death hoti ha.

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    3. Yadi bacteria exposure ho to bhi aajkal itane broad spectrum v power full antibiotics ha jo coverage Kar lete ha. systemic infection severe hote ha unse septicemia ke Karan death hoti ha.

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    4. Bacteria se itani jaldi death nahi hoti bacteria ko body me growth karne me time lagata ha or fir local bite area me bacteria ka exposure itana severe nahi hota. Ab kuchh riserch bhi yahi manati ha ki isaki saliva me kuchh toxin hota ha kintu usase bhi death nahi hoti. Logon me galat bhrantiyo ke Karan, shock, cardiac arrest, aadi ke Karan death hoti ha.

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  25. गोह या वैनरस/छिपकली प्रजाती की छोटी जीवों में प्वाइजन ग्लैंड नहीं पाया जाता है जिससे इनके जहरीले होने का कोई प्रमाण नहीं मिलता,,,,,

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  26. nahi vishkhopada zehreela nahi hota. Uske saliva mein bacteria aur virus hote hain jo ki ilaaz na karane par ghaav ko sookhne nahi dete. jiske karan ghaav sadne lagta hai. Logon mein andhvishwas hai ki vishkhopada zehreela hota hai. joki sahi nahi hai.....

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  27. इसके दाँतों के आस पास सायनिड जैसा अत्यंत्र तीव्र जहर बन जाता है 24 घंटे में जब इस को भूख अधिक लगती यदि उस अवस्था में जब उसे भूख लगती ये काट ले तो उसकी तुरंत मृत्यु हो जाती है

    इस बात पर और भी शोध आवश्यक है
    योगी परमानन्द

    उत्तर देंहटाएं
  28. इसके दाँतों के आस पास सायनिड जैसा अत्यंत्र तीव्र जहर बन जाता है 24 घंटे में जब इस को भूख अधिक लगती यदि उस अवस्था में जब उसे भूख लगती ये काट ले तो उसकी तुरंत मृत्यु हो जाती है

    इस बात पर और भी शोध आवश्यक है
    योगी परमानन्द

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  29. Mai English me kuch article padha unme cynaide ki bat to kahi nahi thi

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  30. विष्णु इंटर कॉलेजमें स्टाफ रुम निकलीं मॉनीटर लिजार्ड
    फोटो सहित दीप तिवारी
    - विष्णु इंटर कॉलेज में विषखोपड़ा देख भागे छात्र-शिक्षक
    - शिक्षकों का कहना घनी झाड़ियां, सांप विषखोपड़ों का अड्डा
    प्रमुख संवाददाता
    बरेली। विष्णु इंटर कॉलेज के स्टाफ रुम में दो-दो मॉनीटर लिजार्ड घुसने से भगदड़ मच गई। शिक्षकों ने गेट बंद कर दिया और आसपास मौजूद छात्रों को वहां से हटा दिया। काफी कोशिश के बाद जाकर दोनों मॉनीटर लिजार्ड को बाहर भगाया जा सका।
    विष्णु इंटर कॉलेज के पीछे के हिस्से में जंगल और घनी झाड़ियां हैं। शिक्षकों का कहना है कि आए दिन सांप और मॉनीटर लिजार्ड दिख जाते हैं। इनसे बचाव के लिए जालियां लगाई गई पर यह दोनों लिजार्ड कहां से घुस आई कुछ पता नहीं है। स्टाफ रुम में मौजूद कर्मचारी ने आलमारी के पीछे दोनो मॉनीटर छिपकलियों को देखा तो शोर मचा दिया। इसके बाद सभी स्टाफ रुप से निकल गए। काफी मशक्कत के बाद इनको बाहर किया गया।

    जहर नहीं लार में मौजूद बैक्टिरिया होता है खतरनाक
    बरेली कॉलेज जंतु विज्ञान विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. राजेंद्र सिंह ने बताया कि मॉनीटर लिर्ग्ड में जहर की थैली नहीं होती है। दुनिया में एक की जहरीली छिपकली है हैलौडर्मा यह भारत में नहीं पाई जाती है। मानीटर लिजार्ड की लार और मसूड़ों में टेटनस फैमिली का बैक्टीरिया पाया जाता है। यह बैक्टिरया काटने पर रक्त में प्रवेश कर जाते हैं और न्यूरो-मस्क्यूलर जंक्शन को ब्लाक कर देते हैं जिससे शिकार को लकवा मार जाता है। श्वसन तंत्र और रुधिर परिवहन तंत्र के फेल होने से शिकार का दम घुट जाता है।

    कम मिलने लगी थी अब बढ़ रही है संख्या
    बरेली। इनके प्राकृतिक आवास की कमी होने के कारण यह आबादी की ओर भाग रही है या इनकी जनसंख्या बढ़ गई है। एक समय इनकी संख्या काफी कम हो गई थी और यह संकटग्रस्त प्रजाति में सूचीबद्ध कर दिया गया था।

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    1. प्रो.डा.राजेन्द्र जी का उत्तर100% सच है ।लकवा से ही मौत होती है ।
      अब जानिये बचने का उपाय-
      पीड़ित व्यक्ति यदि तुरंत ही स्वयं का या अन्य किसी व्यक्ति का मूत्र100ml पी ले तो बच जाता है क्योंकि मूत्र पीने से खून अत्यंत से अत्यंत पतला होकर शरीर में दौड़ता रहता है बाद में एलोपैथिक उपचार भी करा ले।आदमी, आदमी का और औरत ,औरत का मूत्र पियें।यह दवा मेरे साथी पर आजमाई हुईं हैं।

      हटाएं
  31. अपनी टिप्पणी लिखें...meri samajh se ye logo ka vaham hai ki vishkhopra jahreela hota h ....scientific roop se maane to ishme koi jahar nahi hota ....log adhiktar iske kaatne ke baad kaaafi dar jaate hai jiske vajha se unki heart attack se maut ho jaati h na ki uske jahar se...kai baar aisa bhi hota h ki kisi ko koi jaharila saap kaat leta h magar vo uske jagha pr vishkhopra ko dekh lete h aur unhe lagta h ki unhe usi ne kaat lia h aur unki maut ho gai.....
    Meri samajh se yah bahut hi saantprye jeev h...yah darkr logo se door hi bhaggta h na ki unhe kaat ta h.

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  32. Khair mai nhi nhi manta ...ki ye lizard(Vishkpharia) jahrili Hoti hai ..
    Mere ghar ki drainage pipe mai Kuch Dino se Vishkpharia Rh rhi.. hai... Mai kaise bhagoo use..Kyoki mummy ,papa use jhreeli manta hai....

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  33. Ise vahan se hatana sahi ha kyo ki logo me dar to hota hi ha. Iski jagah chhudava de or jangal me chhudava deve, aajkal isko pakadne vaale bhi mil jaate ha. Isase darne ki jarurat nahi.

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  34. Ise vahan se hatana sahi ha kyo ki logo me dar to hota hi ha. Iski jagah chhudava de or jangal me chhudava deve, aajkal isko pakadne vaale bhi mil jaate ha. Isase darne ki jarurat nahi.

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  35. ye bat juth he aap meri youtube channal dekha sakte he "DarSnake" Thx's

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  36. Main 100% manta hoon ye bahut jahrila hota hai mere mama ji k bhaish ko kata tha ilaj k bavjood 1 ghante k andar mar gayi main wahi tha apni ankho se maina dheka katne k baad ye sust ho jata hai aur lagbhag 20 se 25 minutes wahi para rahta hai.phir usko maar bhi diya gaya.

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  37. Nahi ye sach h mere gaon(village) me bhi yah paya jata h aur iske katne se bahoto ki maut hui h mera gaon allahabad me h

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  38. Nahi ye sach h mere gaon(village) me bhi yah paya jata h aur iske katne se bahoto ki maut hui h mera gaon allahabad me h

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  39. Bhai daily marta hu is janwar ko bahut h mere ghar k paas

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  40. Bhai daily marta hu is janwar ko bahut h mere ghar k paas

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  41. Hamre anusar Jo mada goh hoti hai won bisheen hi hoti hai Lekin Jo nar goh hoti hai ushme bahut jyada jahar paya jata hai hamare yaha Bundelkhand'
    KI yadi bat Kate to mada goh jo lagbhag 2 se 3 feet tak lambi hoti hai or kai log iska sikar karke khate bhi hai

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  42. Hamre anusar Jo mada goh hoti hai won bisheen hi hoti hai Lekin Jo nar goh hoti hai ushme bahut jyada jahar paya jata hai hamare yaha Bundelkhand'
    KI yadi bat Kate to mada goh jo lagbhag 2 se 3 feet tak lambi hoti hai or kai log iska sikar karke khate bhi hai

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  43. Hamare gher ke pass hi do hain
    Darr ki vajah se makan ka kaam ruk gaya hai
    Kya samjha jaye jehreela hai ya nhi
    Lagta hai male ji ki shota hota hai wo jehreela hota hai
    Aur female jo badi hoti hai wo jehreela nhi hota

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  44. bishkopda cobra se jyada jahreela hota hai. goh or bishkopda alag alag hai.

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  45. बिसखोपडा और गोह दोनों एक जैसी दिखाने वाली अलग अलग जीव है। गोह जिसको मेरे यहाँ गोहटा भी कहते है ये बिल्कुल ही बिषहीन तथा बुहत ही सीधा व सुस्त जानवर है इसके पँजे की पकड़ बहुत ही मजबूत है । जिसका उपयोग पुराने जमाने मे राजा महाराजा तथा चोर भी करते थे।इसकी खाल भी बहुत मजबूत होती है। और इसका तेल निकाल कर दवा भी बनाई जाती है। ये कभी किसी को नही काटता और न ही इसके काटने से कभी किसी की मृत्यु हुई है। अब बात विषखोपड़ा की तो ये बहुत ही जहरीला जानवर है इसका काटा व्यक्ति या जानवर एक घण्टे के अन्दर दमतोड़ देता है।ये लोंगों को देखते ही दौड़ कर भी काट लेता है। तथा काटने के तुरन्त बाद है अपना पेशाब भी पीता है। गोह व विषखोपड़ा दोनों देखने मे लगभग एक जैसे होते है। इसीलिए लोंगों में गलतफहमी बनी हुई। सत्य ये है कि गोह व विषखोपड़ा में जमीन और आसमान का फर्क है। गोह जितना ही सीधा साधा व शान्त चित व विषहीन जानवर है। विषखोपड़ा उतना ही तेजतर्रार व बिषधर जानवर है। (मेरी जानकारी के अनुसार )
    जितेंद्र कुमार तिवारी, ऊँचाहार, रायबरेली, उत्तर प्रदेश।

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    उत्तर
    1. JANAB AAP BILKUL GALAT KEH RAHE HAI MAIN BHI UP FAIZABAD KA RAHNE WALA HOON JISE AAP VISHKHOPRA JEHREELA JEEV KEH RAHE HAI WO MERE GHAR EK JODA REHTA HAI AUR AAP KEH RAHE HAI WO INSAN KO DEKHTE HI DAUDA KAR KAAT LETA HAI BILKUL GALAT YE TO BICHARE KHUD BHAAG JAATE HAI AUR HAME KOI NUKSAN NAHI PAHUNCHATE BALKI APNI JHAT PAR MAINE INKE KHAANE KE LIYE ROTI,BISCUITE VAGERA DAAL DETA HOON, AUR GAON KE ANPAD LOG MUKJE KEHTE HAI KI AAPNE GHAR MAIN MAUT PAAL RAKHI HAI YE SAB JHOOT HAI VISHKHOPRA KABHI KISI KO KUCH NAHI KEHTA SAB SUNI SUNAI BAATEN HAI MAGAR MERA KHUD KA PRACTICAL KIYA HAI AUR KOI KHUD AAKAR DEKHNA CHAHE TO DIKHA SAKTA HOON NAMSAKAR

      हटाएं
    2. तिवारी जी की बात सत्य है

      हटाएं
  46. असल में कौन कितना जहरीला है ये तो उसी को पता लगता है जिसे ये जानबर काट लेते हैं

    मेरे मत अनुसार हमें इन दोनों जानबरों से दूरी और सुरक्षा बनाये रखनी चाहिए


    और मेरी लाइफ में मैने आज तक किसी ऐसे इंसान को नही देखा जिसे विषखोपड़ा या गोह ने काटा हो और वो जिंदा बच गया हो


    कमल कुशवाह
    Whatsapp
    9009616261


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  47. According Zoology books monitor lizard is non poisonous reptile

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  48. ye sach me khatarnaak hota hai purwi utter Pradesh me ye zeew bahoot badi sankhya me hai

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  49. Meri bhi kafi logo se is topic pe baat huyi hai bahut se log kahte hai ye poisonous hai but kafi jagah search karne ke baat Maine yahi paya ki yah monitor lizard jo dikhane me thodi dangerous lagati hai isiliye logo me dharna bana lo hai ye poisonous hai baki baat bacteria ki to dosto wo bacteria Komodo dragon me hota hai wo lizard class ki sabse Badi parjati hai jo ki India me nahi hoti aur uske bacteria ko kaam karne me Kai din lag jate hai tab infection se wo janwar mar jata hai Jise Komodo ne kaata ho aur agar aisa koi jaanwar hota jo itna poisonous hai to uska Jikar Indian encyclopaedia pe jaroor hota but India aisi koi poisonous lizard nahi ....ye sirf ek myth hai dar asal Indian bahut Bhole hote kisi ek kaha aur bas maan lete hai Jaisi ki kahin paani pe Pathar float karte hai mai bhi Maanta hoo kar sakte but wo ek particular ingenious rock hoti na ki koi bhi ordinari rock . I hope ki Main aapko ek conclusion se paya hunga baki search it on google and in encyclopaedia of Indian reptile .

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  50. आज एक गोह हमारे घर में आ गया था तो हमने इसे जहरीला समझकर मार दिया और अब आपकी बातों को पढ़कर मुझे बहुत अफसोस हो रहा है मैंने उसे मारकर कितना बड़ा पाप कर दिया।

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  51. गोहरा एक जहरीला जानवर है इसके काटन पर आदमी पानी नही मागता

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  52. Halodarma lizard ke alawa world me doosri koi lizard nhi hai jiske kaatne se koi death Ho...... OK aur holodarma India me nhi paayi jati.... Jaha tak bat hai bishkopda ki yani zoology me varenus ki to ye ek poison less animal hai..... Aur ek bat village city me kewal 3 types ke snake hi paye jaate hain jinke kaatne se koi person mr sakta hai.... For more details contact me Devendra Rajput.. HOD Zoology Department...

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  53. गोह एक अत्यंत ही ज़हरीला जीव होता है अगर यह किसी को काट ले तो उसका बचना लगभग नामुमकिन होता है इससे बचने का एक ही तरीका है कि जिस अंग पर कटा हो उस अंग को तुरंत काट दिया जाए। यह बात पूर्ण रुप से सत्य है क्योंकि मैंने इस तरह के सैकड़ों केस देखे हैं

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  54. Mujhko bahut baar kata hai aur mai abhi tak zinda hoon. Haan iske katne se infection aur septicaemia ho sakta hai kyonki ye sade gale mans ko bhi kha leta hai Jiske karan mratyu bhi ho sakti hai

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  57. बारां राजस्थान
    आज हमारे पड़ोस में 20cm लम्बा काला monitor lizard घुस गया
    इसे हमारे area में सुन्हरी गोयरा कहते हैं
    is it poisionous?
    क्या यह जहरीला होता है?

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  58. बारां राजस्थान
    आज हमारे पड़ोस में 20cm लम्बा काला monitor lizard घुस गया
    इसे हमारे area में सुन्हरी गोयरा कहते हैं
    is it poisionous?
    क्या यह जहरीला होता है?

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  59. monitor lizard घुस गया
    इसे हमारे area में सुन्हरी गोयरा कहते हैं
    is it poisionous?
    क्या यह जहरीला होता है?

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  60. भारत में दो तरह की गोह पाई जाती है ये है पटडा गौह व चंदन गोह,पटडा गोह जहरीले नही होती है परंतु चंदन गोह का काटा पानी नही मांगता,किलो पर चढ़ने के लिए केवल पटडा गोह काम मे आती थी,चंदन गोह आकार मे पटडा गोह से लगभग आधी होती है परंतु छिपकली से लगभग तीन गुना बडी होती है

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  61. ज़ी हां विषखोपडा/गोयरा
    जहरिला होता है और कोबरा से भी ज्यादा जहरिला होता है राजस्थान में
    जबकि गोह जहरिला नहीं होता है जिससे सेनिक किलो में चढ़ा करते थे

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  62. Isme koi zeher nhi hota.....bas logo ko dar baithaya gaya h humare purvajo ne ....

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  63. Isme koi zeher nhi hota.....bas logo ko dar baithaya gaya h humare purvajo ne ....

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  64. Today one death occur in relative She died due to bit of Vishkhopada within half an hour..Since childhood I hv seen 2,3death due to Vishkhopada it's more dangerous than a snake bite because u ll get time for treatment in a hospital most of time person die before reaching hospital in our village .In snake bit u ll get time to reach hospital and there is a line of treatment as Antivenum for snake bite ....For Vishkhopada is explained as a non poisonous in medical science so no antidote is available ...But there is a question why d death occur..

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  65. this is medically proved that from 4 spicies of monitor lizard non of one is poisonous. this is also discribed according zoology. then we can say that due to traditional mantality of peoples suffar siriosly and may be dead. is

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  66. मैं बुंदेलखंड क्षेत्र का निवासी हूं मेरा गृह जनपद झांसी है किस जंतु के बारे में बात की जा रही है इसको हमारे यहां गोयरा बोला जाता है कुछ लोग इसे विषखोपड़ा भी बोलते हैं इसके बारे में मान्यता है कि यदि विषखोपड़ा द्वारा किसी व्यक्ति को काट लिया जाता है तो वह तुरंत मृत जाती है बहुत ही जहरीला जंतु है और ऐसे कई केस लोगों की जानकारी में है आप लोगों द्वारा जिस जीव के बारे में बताया जा रहा है वह गोय हैं जो वास्तविक जहरीली नहीं होती है ना ही इसके द्वारा किसी को काटा जाता है बल्कि कई आदिवासी लोग इसे खाना भी पसंद करते हैं परंतु इसके विपरीत विषखोपड़ा गोय से भिन्न है यह अलग है और इसकी लंबाई को इसकी तुलना में बहुत कम होती है और यह जहरीला भी होता है इसके बारे में यह भी जानकारी है कि यह काटने के तुरंत बाद उल्टा होकर पेशाब करता है विशेषज्ञों से मेरा अनुरोध है कि उसके बारे में सही जानकारी करने के बाद लोगों को बताएं

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    1. मुझे इसके बारे में थोड़ा सा ज्ञात है पर यह बात सत्य है यह प्रमाणिकता सहित नहीं कर सकता गोय मैं जो नर होता है उसे ही विष कपड़ा कहते हैं और वही जहरीला होता है जिसके द्वारा लोगों को काटे जाने पर उनकी मृत्यु हो सकती है किंतु जो मादा होती है उसके द्वारा ना तो काटा जाता है और ना ही वह जहरीली होती है मादा आकार में नर की तुलना में काफी बड़ी होती है और मादा के द्वारा ही पूर्व में किसी दीवाल पर रस्सी बांध के चला जाता था यह अपने पंजे किसी भी दीवाल में बहुत तेजी से गाड़ लेती है

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  67. मैंने तुरंत इस जीव को अभी देखा है यह अत्यंत डरावनी लगती है मैंने लोगो के बारे में सुना हैं जिनकी मौत इसके काटने से हो गयी है। परंतु वास्तव यह दो प्रकार की होती है केकिन कौन जहरीला है यह पता लगाना मुश्किल होता है अतः सभी लोगों से इससे दूर ही रहना चाहिए।

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  68. यह वास्तव में जहरीला जन्तु है जिसके काटने से मौत लगभग निश्चित मानी जाती है । ऐसी मान्यता है हमारे क्षेत्र में।

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  69. मैंने आज ही देखी और फ़ोटो ली। नेट पर ढूंढा तो ये ब्लॉग मिला। pic attach करने का option नहीं हैं यहां। नहीं तो मैं पूछना चाहती थी कि ये गोह है या विषकोपडा।

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  70. Ye nnn jiv njr aata hai apko mere pass ानो aajo yha se 10 ya 20 पकड़ le jao अपने ghar me रखो nne jiv ko 8410649739 my कांटेक्ट number

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  71. Yeh khatarnak hoti hai koi bhi kuch bole yeh wisheli hoti hai.

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  72. वास्तव में गोह व बिषखोपड़ा देखने में एक ही तरह के होते हैं
    गोह अधिकतर रेतीली जमीन पर पाये जाते हैं जबकि बिषखोपड़ा झाड़ियों तथा पेड़ों के खोखले में रहते हैं बिषखोपड़ा जहरीला होता है गोह जहरीला नहीं होता गोह की अपेक्षा बिषखोपड़ा छोटा और फुर्तीला होता है ।
    ऐसी मान्यता है कि बिषखोपड़ा के काटने पर कुछ ही समय में मृत्यु हो जाती है
    कुछ लोग ऐसा भी कहते हैं कि बिषखोपड़ा के काटने पर तुरन्त अपना पेशाब पीने से बिष उतर जाता है
    मेरे हिसाब से इस जहरीले जानवर से हमेशा दूर रहें और किसी भी जहरीले जानवरों के काटने पर तुरन्त इलाज करायें

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  73. Mere husband ka balli nd baans ka godown hai waha pr chandan goy jsi bhot sari lizard rehti hai aaj to ek bahar bhi nikal ai a/c ke pioe me jaker beth gyi
    Mje bhot tension rehti hai inko bhagane ka kch upaye suggest ki jie

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  74. बीसखोपरा बहुत ही जहरीला जानवर है
    इसके काटने से व्यक्ति 1घंटे के अंदर ही दम तोड़ देता है ।
    भगवान रक्षा करे सबकी ।।
    ।। जय सियाराम ।।
    आशीष कुमार चतुर्वेदी

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  75. यह कोई जहरीला जानवर नहीं है नहीं जिसके काटने से कोई जहर चढ़ता है यह सत्य है कि इस के काटने पर जीव के कंठ सुख जाते हैं कंठ सुख जाने के बाद ही सना
    न कर ले यह मैं इस लिए बता रहा हूं कि मैं एक सपेरा
    जाति का हूं प्राचीन समय में इस कालबेलिया जाति दारा
    खायी जाती थी लेकिन कुछ लोग तो अभी भी इसे खाते
    है। इसके बारे में अधिक जानकारी के लिए 6376194227
    पर ॖ फोन करें ।। धन्यवाद।।

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