सोमवार, 1 मार्च 2010

फाग-५ -फागुन का चरम और चैत का आरम्भ ....

होली के हुडदंग के साथ आज फगुआ भी अपनें चरम पर पहुंच गया .आज से ही चैत मॉस का आरम्भ हो गया।
गांव में फाग गायकों की टोली अभी आठ दिन तक धमाल मचाती रहेगी,जिसे आठो चैता के नाम से जाना जाताहै।
आठो चैता के समापन के साथ ही फागुन के यह दिन चार बीत जायेंगे,फिर से अगले बरस आने के लिए
आज गांव में भी फाग गायन मंडली जगह -जगह जमीं और एक बैठकी सदा की तरह मेरे घर पर भी हुई
जिसमें गाँव के पारम्परिक गवैयों के साथ घर के सभी सदस्य सम्मिलित हुए ,कुछ बानगियाँ आपके लिए भी
पहली प्रस्तुति चैता की है जो कि चैत मॉस आरम्भ होने के स्वागत में गाया गया है .प्रस्तुत चैता एक विरहणी की पीड़ा को मुखर स्वर देता है,आमों में बौर गये हैं ,कोयल बोलनें लगी है ,सखी सहेलियाँ अपनें बच्चों से खेल रहीं हैं,उलाहना यह कि विरहणी का प्रियतम अभी भी उससे दूर है.विरह की यह मार्मिक पीड़ा इस गीत में कैसे भाव -बद्ध हुई है ,आनंद उठाइए----





दूसरी प्रस्तुत उलारा कही जाती है जो कि फाग गीत के अंत में प्रायः गाया जाता है ,इसमें हर्षो उल्लास के माहौल मेंनई नवेली के पाँव में पायल ,कमर की करधन ,नाक में पहनने वाली झुलनी आदि आभूषणों को परिवार मेंकौन-कौन नई नवेली के लिए बनवाता है ,इसका उल्लेख किया गया है-----







और अंत में संगीतकारों
,सुनवैयों और गवैयों के चतुर्दिक शुभ कामना से ओतप्रोत गीत ''सदा '' का भी आस्वादनकीजिये ------

30 टिप्‍पणियां:

  1. बढ़िया प्रस्तुति पर हार्दिक बधाई.
    ढेर सारी शुभकामनायें.

    संजय कुमार
    हरियाणा
    http://sanjaybhaskar.blogspot.com

    उत्तर देंहटाएं
  2. होली की बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

    उत्तर देंहटाएं
  3. होली पर आपकी बेहतर रचना और होली, दोनों को हार्दिक शुभकामनाएं....आपका स्नेहाकांक्षी ....www.sansadji.com

    उत्तर देंहटाएं
  4. --------आपनें तो समाँ बाँध दिया है ,सारी की सारी पोस्ट संग्रह करनें योग्य बन गयी है.
    कमाल की पोस्ट -----यही फायदा है जब आप जैसा व्यक्ति समस्त संसाधनों के साथ गांव में रह कर जन सेवा में सक्रिय हो तो ऐसी ही पोस्ट पढनें को मिला करेगी ,वर्ना यहाँ शहर मेंकहाँ है यह सुख .-------

    उत्तर देंहटाएं
  5. ----अरे मैं तो आपको होली के मुबारकबाद देना भूल ही गयी.
    होली क़ी बहुत शुभकामना.----

    उत्तर देंहटाएं
  6. आनंददायक प्रस्तुतियाँ। इन सब आयोजनों के चित्र भी होते तो और आनंद मिलता।

    उत्तर देंहटाएं
  7. बहुत सुंदर प्रस्‍तुति .. गांव का माहौल आंखें के सामने आ गया .. सपरिवार आपको होली की शुभकामनाएं !!

    उत्तर देंहटाएं
  8. गाने इतने अच्छे हैं कि क्या कहा जाय ; लोग मुबारकबाद देना भी भूल जा रहे हैं !
    वाकही आपकी श्रमसिद्ध पोस्टों ने आपको सजग अवधी - प्रेमी साबित कर दिया है !
    इतना भरोसा बनता है कि अब कुछ गीत तर्ज के साथ बने रहेंगे , हमारे साथ , क्योंकि
    आप है न इस कार्य के लिए तत्पर !
    अरे हम भी पछलग्गू की तरह आपके साथ आ जायेंगे , आपकी हौसला - अफजाई में !!!

    उत्तर देंहटाएं
  9. वाह वाह वाह पंडितजी क्या ही ख़ूबसूरत गीत सुनवाए जी। होली का आनंद दुगुना हो गया। बहुत बहुत आभार इस सुन्दर प्रस्तुति के लिए।

    उत्तर देंहटाएं
  10. आपकी रचना बहुत ही बढ़िया लगी , आपको होली की बहुत-बहुत बधाई एवं शुभकामनाएं ।

    उत्तर देंहटाएं
  11. अह्हा!! आनन्द आ गया.....इस बार की होली आपने बनवा दी...वाह!!

    उत्तर देंहटाएं
  12. भाई मज़ा आ गया मनोज जी .... बस मज़ा आ गया.

    उत्तर देंहटाएं
  13. मनोज जी इसे ही तो कहते हैं सार्थक ब्लॉग्गिंग!
    आप ने इन लोकगीतों से और इन के प्रकारों से परिचय कराया जिनके बारे में मुझे तो पहले नहीं मालूम था.
    सामयिक प्रस्तुति है.साथ ही इनका अनूठा अनमोल संग्रह भी बन गया है.
    आप का आभार .
    १-चैता -बहुत ही बढ़िया लगा ..
    बहुत ही सुन्दर गाया है और सुनने में बेहद आनंद आया...ढोलक तो बहुत ही बढ़िया / 'क्रिस्प' बजी है!
    आश्चर्य होता है कितना हुनर है इन गुमनाम कलाकारों में !
    मंझी हुई आवाज़ और बस एक साज़[ढोलक ]से ही पूरा समा बाँध देते हैं !
    २-उलारा की मस्ती सुनते ही बनती है..बहुत ही बढ़िया !
    ३-'सदा 'मनमोहना गोविंदा के लिए गाया गया है .. अद्भुत प्रस्तुति.
    संगीत प्रेमियों के लिए होली की इस भेंट के लिए धन्यवाद .

    उत्तर देंहटाएं
  14. बेहतरीन प्रस्तुती। आपको होली की हार्दिक शुभकामनायें

    उत्तर देंहटाएं
  15. आज न जाने क्या हुआ है कि प्लेयर ही नहीं दिख रहे मुझे कि सुनूँ ! कई बार रिफ्रेश कर चुका हूँ पेज !
    टिप्पणियों का मोद देखकर न सुन पाने की व्यथा का क्या कहूँ !
    फिर-फिर आता हूँ ।

    उत्तर देंहटाएं
  16. कल नहीं सुन पाया । आज सुना और आनंद आ गया , भाई जी।

    उत्तर देंहटाएं
  17. अरे वाह !
    बरसों बाद फाग गीत सुने हैं आनंद आ गया , आपकी यह मेहनत एक धरोहर साबित होगी आधुनिक पीढी के लिए ! आपकी टिपण्णी का जवाब अपने ब्लाग पर ही दिया है, समय मिले तो एक बार और आयें !

    उत्तर देंहटाएं
  18. होली की शुभकामनाओं के साथ इस बेहतरीन प्रस्‍तुति के लिये आभार ।

    उत्तर देंहटाएं
  19. bahut hi sandar faag geet..
    aapne bahut accha kaam kiya hai...
    ab ye hamesha ke liye rahega...

    उत्तर देंहटाएं
  20. बहुत बढ़िया लगा! बड़े ही सुन्दरता से आपने प्रस्तुत किया है जो प्रशंग्सनीय है!

    उत्तर देंहटाएं
  21. इस टिप्पणी को लेखक द्वारा हटा दिया गया है.

    उत्तर देंहटाएं
  22. आपकी पोस्ट पर देर से आया हूं पर रस पूरा पाया धन्यवाद

    उत्तर देंहटाएं
  23. होली बीत गई, पर उसका रंग नहीं उतरता. लाजवाब...!!

    ____________________

    'शब्द-शिखर' पर पढ़ें 'अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस' पर आधारित पोस्ट. अंतरराष्ट्रीय नारी दिवस के 100 साल पर बधाई.

    उत्तर देंहटाएं

आपकी टिप्पणियाँ मेरे ब्लॉग जीवन लिए प्राण वायु से कमतर नहीं ,आपका अग्रिम आभार एवं स्वागत !