खाली दिमाग शैतान का घर - ठलुआ लोग पहले हुका पीते थे, फिर अड्डेबाजी करते थे, फिर पत्तेबाजी की. वरना पान की दूकान पर बैठकर आती जाती लड़कियों का जीना मुहाल करते थे. फिर केबल टीवी देखने के लिए कोच पोटेटो बन गए और अब ये मुआ इन्टरनेट. कुल मिलाकर हर बीमारी की जड़ में ऐसा फालतू वक्त छिपा है जिसे ज्ञानार्जन या कृतित्व में लगाया जा सकता है.
स्मार्ट इन्डियन से सहमत । अगर मेरे जैसे लोग ये न करें तो शायद अकेले3 सोच सोच कर्4 जरूर किसी मानसिक रोग से ग्रसित हो सकते हैं धन्यवाद इस जानकारी के लिये
ये बात सही है ....... इंटरनेट की अंधाधुंध, बेलगाम इस्तेमाल से युवा वर्ग में बहुत से नुकसान हो रहे हैं ...... पर इसका दूसरा पहलू भी है .......... अगर युवा वर्ग इसका इस्तेमाल रचनात्मक शक्ति की तरफ लगाए तो फाय्दे भी हैं ...... हां जागरूकता ज़रूरी है सही दिशा के लिए ...... मा बाप को भी ध्यान देना ज़रूरी है ख़ास कर जब छोटे बच्चे इंटरनेट पर जाएँ .........
जिसको करने से कोई लाभ न होता हो और जिसको न करने से परेशानी होती हो वह लत है ,लेकिन कहा गया है कि "" बेकार मत बैठ कुछ किया कर ।बोले काम न हो तो ? बोले उधेड़ कर ही सिया कर ,वो ही कर रहे है सरजी
Sifat dan Tabiat ular kobra ( Pawang Ular )
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Tinggal jauh dari mereka di musim kawin ular! Jika tidak, baca Kkage
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Melaka (Malaysia) 4 (Concluding)
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The rule by the English East India Company, Calcutta, attracted Indians to
Melaka and other p...
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Daryaganj in aerocity पढ़कर चौंकिए मत । दरअसल में daryaganj एक रेस्टोरेंट
का नाम है जो कि एयरोसिटी में है । यूं तो एक दो बार हम लोगों ने वहां से
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"करम का लेख" विशेषण रहित है, अर्थात भेद-भाव से परे……………यह बहुतों को बुझाता
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A Zombie Thriller!
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It's a new arrival written by Shawn Whitney. Who is an award-winning
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एक उद्योगपति की मौत
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आकांक्षा...
खूब पहचानती हूँ
-
खूब पहचानती हूँ
मैं…….
तुमको और तुम्हारे
समाज के नियमों को
जिनके नाम पर
हर बार…….
मुझे तार-तार किया जाता है
किन्तु अब…..
मेरी आँख का धुँधलका
दूर हो चुका है
...
शनि राहु युति के परिणाम
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*इष्ट देव सांकृत्यायन*
*श्री गुरुचरणकमलेभ्यो नमः*
आज 29 मार्च से शनि भी वहीं आ जाएंगे जहाँ राहु, बुध, शुक्र, सूर्य, चंद्र और
नेप्चून पहले से बैठे हैं...
वादा किया वो कोई और था, वोट मांगने वाला कोई और
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तिवारी जी जब से कुम्भ से लौटे हैं तब से बस अध्यात्म की ही बातें करते हैं।
कई ज्ञानी जो उनकी बातें सुनते हैं वो पीठ पीछे यह भी कहते सुने जाते हैं कि
तिवार...
कॉन्सेप्चुअल फ्रेमवर्क
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सामाजिक विज्ञान को विज्ञान की उपाधि जरूर किसी ऐसे व्यक्ति ने दी होगी जिसे
लगा होगा कि विज्ञान को विज्ञान कहना *डिस्क्रिमिनेशन* हो चला है। विज्ञान और
तार्...
Open AI वाले सैम ऑल्टमैन
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सैम ऑल्टमैन की प्रोफेशनल जर्नी एक टेक entrepreneur के तौर पर 19 साल की उम्र
से शुरू हुई, जब उन्होंने Stanford University से dropout करके अपनी पहली
startup ...
रंग चैत्र महीने के
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*रंग चैत्र के ...*
चैत्र का महीना बदलाव का महीना है , नए रंग में कुदरत जैसे खुद से मिला कर
सम्मोहित करती है।
अमृता ने इसी महीने से जुड़ा बहुत कुछ ...
कितना मुश्किल है बच्चो !
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दस दिवसीय सेवारत प्रशिक्षण के पश्चात प्राप्त ज्ञान |
हमने जाना बच्चों !
कितना मुश्किल होता है
फिर से बच्चों जैसा बनना |
हमने जाना बच्चों !
कितना उबाऊ ...
मछली का नाम मार्गरेटा..!!
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मछली का नाम मार्गरेटा..
यूँ तो मछली का नाम गुडिया पिंकी विमली शब्बो कुछ भी हो सकता था लेकिन मालकिन
को मार्गरेटा नाम बहुत पसंद था.. मालकिन मुझे अलबत्ता झल...
2025 में विवाह मुहूर्त कब है ?
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Marriage dates in 20252025 में विवाह मुहूर्त कब है ?
[image: Marriage dates in 2025]
भारतवर्ष में हिंदू धर्म में प्रत्येक मांगलिक कार्यों में शुभ मुहूर्त ...
ब्लागिँग सेमिनार की शुरुआत रवि-युनुस जुगलबंदी से
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और ये उद्घटान हो गया। उद्घटान नहीँ भाई उद्घाटन हो गया-ब्लागिँग सेमिनार का।
वर्धा विश्वविद्यालय के हबीबा तनवीर सभागार मेँ वर्धा विश्वविद्यालत द्वारा
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कहते है हिन्दूस्तानी है हम....(सत्यम शिवम)
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कहते है हिन्दूस्तानी है हम,
पर जुबान पे अंग्रेजों की भाषा बसती है,
देख के अपनी विलायती तेवर,
हिन्दी हम पर यूँ हँसती है।
क्या बचपन में पहला अक्षर,
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महिला दिवस पर आत्ममुग्ध
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इस बार का महिला दिवस तो मेरे लिए बे-रौनक ही होने वाला था। बच्चों की परीक्षा
का समय और श्रीमान जी की परदेसी नौकरी। मैं तो बस सोशल मीडिया और फोन के सहारे
घ...
आ अब लौट चलें ब्लाग की ओर
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प्यारे भतीजो और भतिजीयों, ताऊ की होली टाईप रामराम. आज सबसे पहले तो मैं सुश्री
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तुम्हारे लिए
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मैं उसकी हंसी से ज्यादा उसके गाल पर पड़े डिम्पल को पसंद करता हूँ । हर सुबह
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हाँ व्...
शिक्षक दिवस
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शिक्षक दिवस नज़दीक आरहा है, किन्तु शिक्षकों की दशा देख मन घबरा रहा है।
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शिक्षक ही है। वह अनेक आलोचनाओं का शिकार हो रह...
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कहानी---
सफ़ेद कपड़ों मेँ लिपटा झूठ
-अब माधुरी बहिन जी आपसे कुछ कहेंगीं । माधुरी बहिन ने माइक संभाला। बोलना
शुरू किया। धर्म, अध्यात्म से होकर वे पारिवारिक ...
किताब मिली - शुक्रिया - 22
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दुखों से दाँत -काटी दोस्ती जब से हुई मेरी
ख़ुशी आए न आए जिंदगी खुशियां मनाती है
*
किसी की ऊंचे उठने में कई पाबंदियां हैं
किसी के नीचे गिरने की कोई भी हद ...
नए साल के संकल्प
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आज नया साल शुरू हुए पाँचवा दिन शुरू हो गया। अभी तक नए साल के संकल्प तक नहीं
फ़ाइनल किए। ऐसे कहीं होता है?
सोशल मीडिया पर कुछ न कुछ लिखने की आदत ऐसी ह...
संयोग और गंगा मइया का बुलावा क्या होता है?
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हर्ष वर्धन त्रिपाठी Harsh Vardhan Tripathi
#PrayagrajMahaKumbhMela2025 में हमारा चौथी बार प्रयागराज जाने का संयोग बना।
इस बार #KultureKumbh2025 में दो स...
टिन्डिस (Tyndis) जिसे पोन्नानि कहते हैं
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रोमन साम्राज्य के अभिलेखों में भारत के दक्षिणी तट के टिन्डिस (Tyndis) नामक
बंदरगाह का उल्लेख मिलता है और आज के “पोन्नानि” को ही इतिहासकारों ने टिन्डिस
होने...
आसपास में सब चेतन है
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<<< आसपास में सब चेतन है >>> हाल ही में मेरी बिटिया आई मेरे पड़ोसी टुन्नू
पंडित की बिटिया की शादी के अवसर पर। शादी के बाद वह वापस जाते हुये मेरे घर
में काम...
डिजीटल दौर में मौलिकता की गारंटी
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समय के साथ कला के स्वरूप और माध्यम बदल रहे हैं कला हमेशा से इंसानी सभ्यता
की पहचान रही है। कभी गुफाओं की दीवारों पर उकेरी गई चित्रकारी, तो कभी कैनवास
प...
निर्मल बाबा केवल एक नहीं है : अन्तर सोहिल
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इंदु आहूजा, लाल किताब वाले गुरूदेव और अन्य बहुत सारे ज्योतिष बताने और
यंत्र बेचने वाले टीवी चैनलों के जरिये धर्मांध जनता को शोषित कर रहे हैं। कई
बार तो लग...
मैं एक दिन धूप में
-
मैं एक दिन धूप में
घर की दीवारों पर बैठ
घर की दीवारों की बातें
उसे सुना बैठा
और उसका हाथ
दीवार से हमेशा के लिए
हटा बैठा
उसका साथ
दीवारों से हमेशा के लि...
और इस तरह मारा मैंने अपने बोलने को
-
————
मुझे कुछ बोलना था
पर मैं नहीं बोला
और ऐसा नहीं है कि
मैं बोलता तो वे सुन हीं लेते लेते
पर मैं नहीं बोला
मैं नहीं बोला जब कि मुझे
एक बंद कमरे से बोलने क...
ब्रहमताल झील की ट्रेकिंग: भाग 2
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*अचानक बाहर से महेश और चाचाजी के चिल्लाने की आवाजों से आँख खुली महेश बाहर से मेरे *
*टेंट के ऊपर पड़ी बर्फ को झाड़ रहा है मैं टेंट से बाहर आयी तो देखा जमीन...
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* गज़ल *
रहे बरकत बुज़ुर्गों से घरों की
हिफाजत तो करो इन बरगदों की
खड़ेगा सच भरे बाजार में अब
नहीं परवाह उसको पत्थरों की
रहे चुप हुस्न के बढ़ते गुमां पर
रही...
इंतज़ामअली और इंतज़ामुद्दीन
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हि न्दी में इन दिनों ये दो नए मुहावरे भी चल पड़े हैं। अगर अभी आप तक नहीं
पहुँचे हैं तो जल्दी ही पहुँच जाएँगे। चीज़ों को संवारने, तरतीब देने,
नियमानुसार क...
Resep Tempe Bacem Praktis - Resep Masakan 4
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Resep Tempe Bacem Praktis dan Enak. Tempe di bacem adalah resep yang sering
kita jumpai, tahukah anda bagaiman cara membuat makanan ini?. Ternyata eh
terny...
बाग में टपके आम बीनने का मजा
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मेरे मित्र प्रोफेसर Sandeep Gupta पिछले दिनों अपने बाग के आम लेकर आए थे।
उनके साथ मैं पहले बाग देखकर आया था लेकिन तब आम कच्चे थे। बरौली से 2
किलोमीटर पहल...
कल्पना...!
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छत पर सूखते कपड़ों से रह-रह कर टपक रहे पानी के छीटों से परेशान चींटी कभी
दायें ओर मुड़ती-कभी बायें ओर। एकाध बार ठहर भी गई लेकिन छींटे थे कि फिर से
आगे ज...
नीली गोली के बाद अब गुलाबी गोली को हरी झंडी!
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पुरुषों के बेहतर प्रदर्शन के लिए मददगार विख्यात नीली गोली (वियाग्रा) के
बाद अब अमेरिकन महिलाओं को भी जल्द ही महिला यौन रोग के उपचार के नाम पर पहली
बार " ग...
थोडा अतिरंजित है मगर बहुत बढियां आलेख !
जवाब देंहटाएंदैनिक हिंदुस्तान या हिंदुस्तान ?
@हिंदुस्तान
जवाब देंहटाएंachchi khabar thee sir. Jis tarah youth teji se internet adict hota ja raha hai usaki yeh ek jeevant tasveer hai
जवाब देंहटाएंअब पएज भरने के लिये कुछ तो चाहिये ही ना
जवाब देंहटाएंखाली दिमाग शैतान का घर - ठलुआ लोग पहले हुका पीते थे, फिर अड्डेबाजी करते थे, फिर पत्तेबाजी की. वरना पान की दूकान पर बैठकर आती जाती लड़कियों का जीना मुहाल करते थे. फिर केबल टीवी देखने के लिए कोच पोटेटो बन गए और अब ये मुआ इन्टरनेट. कुल मिलाकर हर बीमारी की जड़ में ऐसा फालतू वक्त छिपा है जिसे ज्ञानार्जन या कृतित्व में लगाया जा सकता है.
जवाब देंहटाएंपढ़ लिया, जी पर लागी छूटे ना।
जवाब देंहटाएंबहुत अच्छी और जानकारीपूर्ण लेख....
जवाब देंहटाएं@दिनेशराय द्विवेदी ji
जवाब देंहटाएंपढ़ लिया, जी पर लागी छूटे ना
का करे कन्ट्रोल ही नही होता
जवाब देंहटाएंकोशिश बहुत करता हूँ कि लत ना लगें...देखिए क्या होता है आगे बढ़िया जानकारी भरा आलेख..धन्यवाद मनोज जी
जवाब देंहटाएंस्मार्ट इन्डियन से सहमत । अगर मेरे जैसे लोग ये न करें तो शायद अकेले3 सोच सोच कर्4 जरूर किसी मानसिक रोग से ग्रसित हो सकते हैं धन्यवाद इस जानकारी के लिये
जवाब देंहटाएंsir aaj kal ke bacche to bachhe kai badhe bhi iske shikar hai lekin ish par rok asan nahi hai
जवाब देंहटाएंबिलकुल सही बात का ज़िक्र किया गया है! बहुत ही बढ़िया जानकारी के साथ लेख बेहद पसंद आया!
जवाब देंहटाएं-----खबर सही है,हालात ऐसे हैं-----
जवाब देंहटाएंमै अनुराग शर्मा (स्मार्ट-इन्डियन) जी की बात से सहमत हूँ । लेकिन या चिंतनीय विषय है ।
जवाब देंहटाएंये बात सही है ....... इंटरनेट की अंधाधुंध, बेलगाम इस्तेमाल से युवा वर्ग में बहुत से नुकसान हो रहे हैं ...... पर इसका दूसरा पहलू भी है .......... अगर युवा वर्ग इसका इस्तेमाल रचनात्मक शक्ति की तरफ लगाए तो फाय्दे भी हैं ......
जवाब देंहटाएंहां जागरूकता ज़रूरी है सही दिशा के लिए ...... मा बाप को भी ध्यान देना ज़रूरी है ख़ास कर जब छोटे बच्चे इंटरनेट पर जाएँ .........
ati to har cheej ki buri hoti hai.....umda jaankaari...
जवाब देंहटाएंsmart indian ने जो लिखा है वह बेहतरीन है उससे सहमत है दिल खुश करने वाली टिप्पणी की है इन्होने ।
जवाब देंहटाएंहमारा गणतंत्र अमर रहें...गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाये और बधाई
जवाब देंहटाएंगणतंत्र दिवस की बहुत बहुत हार्दिक बधाई!!!
जवाब देंहटाएंआपको और आपके परिवार को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें!
जवाब देंहटाएंगणतंत्र दिवस की शुभकामनायें.
जवाब देंहटाएंजिसको करने से कोई लाभ न होता हो और जिसको न करने से परेशानी होती हो वह लत है ,लेकिन कहा गया है कि "" बेकार मत बैठ कुछ किया कर ।बोले काम न हो तो ? बोले उधेड़ कर ही सिया कर ,वो ही कर रहे है सरजी
जवाब देंहटाएंआपको गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनायें
जवाब देंहटाएंएक इंटरनेट नशा विमुक्ति केंद्र खुलेगा जल्दी ही. मैं तो भर्ती होने वाला हूँ :)
जवाब देंहटाएंबिल्कुल सही बात है, पर हम सभी इसके आदी हो चुके हैं, यही माध्यम तो है आप सबसे मिलने का, आभार प्रस्तुति के लिये ।
जवाब देंहटाएंबढ़िया जानकारी है.
जवाब देंहटाएंमजे की जानकारी है लेकिन मानता कौन है। नशा विमुक्ति केन्द्र में अभिषेक ओझा के बाद और कौन जाता है देखना है।
जवाब देंहटाएं